Breaking News
Oplus_16908288

“रंग-बिरंगे फूल हैं प्रकृति का श्रृंगार, पौधारोपण से ही सुरक्षित होगा भविष्य : डॉ. अमर सिंह मीणा”

“रंग-बिरंगे फूल हैं प्रकृति का श्रृंगार, पौधारोपण से ही सुरक्षित होगा भविष्य : डॉ. अमर सिंह मीणा”

मालपुरा/अविकानगर (टोंक)। केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (अविकानगर) परिसर में चल रहे पौधारोपण अभियान के तहत सोमवार को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। विभिन्न सामाजिक एवं जनप्रतिनिधियों ने औषधीय और छायादार पौधे लगाकर हर व्यक्ति से प्रकृति संरक्षण की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया।

Oplus_16908288

अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन संघर्ष समिति राजस्थान के टोंक जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार गोपाल नायक ने औषधीय गुणों से भरपूर नीम का पौधा लगाते हुए कहा कि नीम केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि प्रकृति का अमूल्य उपहार है। इसके औषधीय गुण मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण शुद्धि और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
इसी अभियान के तहत अभय सिंह, महाराम मीणा, पूर्व जिला परिषद सदस्य छोगालाल गुर्जर तथा डॉ. अमर सिंह मीणा ने भी पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। डॉ. अमर सिंह मीणा ने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य रंग-बिरंगे परिधानों से स्वयं को सजाता है, उसी प्रकार रंग-बिरंगे फूल और हरे-भरे वृक्ष प्रकृति का वास्तविक श्रृंगार हैं। प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराती है, इसलिए उसका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि शुद्ध वायु स्वस्थ जीवन की मूलभूत आवश्यकता है और यह बिना पेड़-पौधों के संभव नहीं है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण देने के लिए पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।

Oplus_16908288

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने तथा प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पत्रकार शशि गोयर, ताहिर नागौरी, होमगार्ड जवान विष्णु भटनागर तथा सुनील बैरवा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Check Also

सड़कों पर दौड़ रहे दूध के ड्रम, लेकिन शुद्धता की गारंटी किसके पास ?

🔊 Listen to this Gopal NayakChief Editor सड़कों पर दौड़ रहे दूध के ड्रम, लेकिन …