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अविकानगर में पशुपालन क्रांति की पहल: 33 किसानों को 66 सिरोही बकरियों का वितरण, पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न
अविकानगर/मालपुरा (टोंक)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में आयोजित पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में टोंक जिले के विभिन्न गांवों से आए 20 किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को भेड़ एवं बकरी प्रबंधन, नस्ल सुधार, संतुलित पोषण, रोग नियंत्रण, प्रजनन प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि-पशुपालन पद्धतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

समापन अवसर पर संस्थान ने अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के तहत पशुधन आधारित आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 33 चयनित किसानों को कुल 66 सिरोही नस्ल की बकरियों का वितरण किया। सिरोही नस्ल अपनी बेहतर उत्पादन क्षमता, प्रतिकूल परिस्थितियों में अनुकूलन तथा अधिक आर्थिक लाभ के लिए जानी जाती है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने उन्नत नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्थान द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” की जानकारी देते हुए किसानों से इस अभियान से जुड़कर कृषि एवं पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
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