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शमशान भूमि सौदे में बड़ा खेल ! मालपुरा तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल ?

शमशान भूमि सौदे में बड़ा खेल ! मालपुरा तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल ?

मालपुरा (टोंक)। हिन्दू समाज के शमशान स्थल बृजलाल नगर स्थित खसरा नंबर 1337/1807 की भूमि को लेकर मालपुरा तहसील प्रशासन विवादों के घेरे में आ गया है। रिकॉर्ड, कब्जा और न्यायालयीन आदेशों की अनदेखी कर किए गए नामांतरण व विक्रय पत्रों ने पूरे प्रकरण को संदेह के दायरे में ला खड़ा किया है। मामला न केवल राजहित से जुड़ा है, बल्कि अनुसूचित जाति की भूमि के संरक्षण पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि के सुपुर्दगी नामे के समय मौके पर न तो वास्तविक रकबा मौजूद था और न ही कब्जा सौंपा गया। इसके बावजूद खातेदारी अधिकार दे दिए गए, जबकि आज तक खातेदार का मौके पर कोई कब्जा नहीं है और खसरा गिरदावरी में भूमि स्पष्ट रूप से शमशान के रूप में दर्ज है। ऐसे में बिना कब्जे के खातेदारी अधिकार कैसे मिले, यह अपने आप में गंभीर जांच का विषय है। मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2000 में अनुसूचित जाति की इस भूमि का विक्रय पत्र मेघवंशी विकास समिति के नाम पंजीबद्ध कर दिया गया, जबकि विधिक रूप से किसी संस्था या कंपनी की कोई जाति नहीं होती और उसे सामान्य श्रेणी में माना जाता है। यही नहीं, उसी वर्ष की नामांतरण पत्रावली में भी कब्जा नहीं होना दर्ज है। सूत्रों के अनुसार, सिविल एवं राजस्व न्यायालय से मौके और रिकॉर्ड पर स्थगन आदेश होने के बावजूद तहसील स्तर पर विक्रय पत्र नंदकिशोर मेघवंशी के नाम पंजीबद्ध कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जब मामला रेफरेंस न्यायालय में विचाराधीन था और स्वयं तहसील प्रशासन ने राजहित में रेफरेंस भेजा था, तब भी नंदकिशोर मेघवंशी के नाम नामांतरण खोल दिया गया। प्रश्न यह भी उठता है कि एक ओर तहसील प्रशासन राजहित का हवाला देकर रेफरेंस भेजता है और दूसरी ओर उसी राजहित को नुकसान पहुंचाने वाले दस्तावेज पंजीबद्ध कर देता है। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या किसी गहरी मिलीभगत का संकेत? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अनुसूचित जाति की भूमि का पंजीकृत संस्था के नाम विक्रय पत्र पंजीबद्ध करने के इस मामले में क्या तहसील प्रशासन धारा 175 के तहत कार्रवाई कर राजहित और सामाजिक न्याय की रक्षा करेगा या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।

फिलहाल यह पूरा प्रकरण मालपुरा में चर्चा का विषय बना हुआ है और आमजन यह जानना चाहता है कि आखिर शमशान भूमि पर हुए इस कथित खेल के जिम्मेदारों पर कब और कैसी कार्रवाई होगी।

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