रेरा में नाम नहीं, तो पट्टा नहीं… सरकार सख्त, निकायों को चेतावनी
बिल्डरों की चाल पर लगाम, बिना रेरा रजिस्ट्रेशन भू-खंड बिक्री गैरकानूनी
उल्लंघन पर 5 लाख जुर्माना और सजा का प्रावधान
मालपुरा (टोंक)।
राजस्थान रेरा (Real Estate Regulatory Authority) ने रियल एस्टेट कारोबार पर सख्ती बरतते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना रेरा रजिस्ट्रेशन किसी भी भूखंड, प्लॉट या फ्लैट की बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी है।
रेरा अधिनियम की धारा-3 के तहत, बिल्डर, डेवलपर और रियल एस्टेट एजेंट — तीनों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। नियमों की अवहेलना पर 5 लाख रुपए तक जुर्माना और आगे चलकर सजा का भी प्रावधान है।
🔹 निकायों को निर्देश
रेरा नियमों के मुताबिक, निजी खातेदार, विकासकर्ता या गृह निर्माण सहकारी समिति की किसी भी प्लॉटेड योजना का ले-आउट प्लान मंजूर करने के बाद संबंधित निकाय यह सुनिश्चित करेंगे कि योजना का रेरा में पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) हो जाने के बाद ही पट्टे जारी किए जाएं।
🔹 मालपुरा व आसपास में रेरा नियमों की खुली उड़ान
लेकिन जमीनी हालात इसके उलट हैं। मालपुरा शहर सहित उपखंड क्षेत्र, डिग्गी नगर पालिका व लाम्बा हरिसिंह नगर पालिका क्षेत्र में कॉलोनाइजरों द्वारा बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय निकायों ने भी रेरा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ऐसी अवैध कॉलोनियों में पट्टे तक जारी कर दिए।
🔹 खरीदारों को भ्रमित करने वाले विज्ञापन
मालपुरा शहर में कॉलोनाइजर स्थानीय अखबारों में “नगर पालिका अनुमोदित नक्शा आवासीय योजना” के नाम पर विज्ञापन प्रकाशित कर रहे हैं।
लेकिन वास्तव में ये योजनाएं रेरा में पंजीकृत नहीं हैं।
रेरा अधिनियम की धारा 3 के अनुसार, बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के किसी भी प्रोजेक्ट का विज्ञापन देना या बिक्री के लिए प्रचार करना अपराध की श्रेणी में आता है।
🔹 अब होगी सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने सभी नगर निकायों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि बिना रेरा पंजीकरण के किसी भी कॉलोनी का पट्टा जारी न किया जाए।
इस नियम का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।
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