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केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान अविकानगर ने मनाया 64वां स्थापना दिवस 

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान अविकानगर ने मनाया 64वां स्थापना दिवस 
मालपुरा (टोंक)। केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान अविकानगर में  64 वां स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अथिति डॉ संजय कुमार चेयरमैन क़ृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली, विशिष्ट अथिति के रूप मे पोल्ट्री अनुसन्धान संस्थान हैदराबाद निदेशक डॉ आर एन चट्टर्जी, राष्ट्रीय पशु पोषण एवं कार्यकी संस्थान बंगलौर निदेशक डॉ ए साहू भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अविकानगर संस्थान निदेशक डॉ अरुण कुमार तोमर द्वारा की गई। निदेशक डॉ अरुण कुमार तोमर ने अपने सम्बोधन में मुख्य अथिति को किसान हित में संस्थान द्वारा किये जा रहे प्रयास पर प्रकाश डाला। तथा बताया की मेरा संस्थान भेड़, खरगोश एवं सिरोही नस्ल की बकरी की उन्नत पशुओ का हर साल किसान के निवेदन पर पूरे देश को आपूर्ति करता है। इसके अलावा भी भारत सरकार की विभिन्न योजना जैसे अनुसूचित जाति एवम जनजाति योजना में भी राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु एवम देश के नार्थ ईस्ट राज्यों मे भी संस्थान के ऊनत नस्ल के पशुओ का प्रदर्शन के साथ वितरण कर रहा है। इस अवसर पर निदेशक द्वारा अथितियों को अपने परिसर के दुम्बा भेड़, खरगोश, सिरोही बकरी, अविशान भेड़, मालपुरा भेड़, पाटनवाड़ी भेड़, अविकालीन भेड़ के साथ गरोल भेड़ के पशुओ की भी प्रदर्शन के साथ विभिन्न सेक्टरों का भ्रमण करवाया गया। मुख्य अथिति डॉ संजय कुमार चेयरमैन क़ृषि वैज्ञानिक चयन मंडल ने अपने सम्बोधन में संस्थान द्वारा किये जा रहे प्रयास की प्रशंसा की। तथा उन्होंने देश मे पशु एवं उनसे बनने वाले उत्पादों के आधार पर शहरों में मॉल जैसे शीप मॉल बनाने के लिए निदेशक को सुझाव दिया। जिससे सभी तरह के उत्पाद उसे पशु के एक जगह मिल सके। दूसरा उन्होंने कहा कि संस्थान के वैज्ञानिक के प्रमोशन तभी ही सही है। जब उसके कार्य से देश के किसान की उन्नति एवम तरक्की हो। मुख्य अथिति ने अपने सम्बोधन में संस्थान एवं किसानों को किताब समझकर कार्य करने की प्रेरणा दी। जिससे पढ़कर एवम संवाद द्वारा एक दूसरे की परेशानी का हल के साथ कुछ नया विकास हो। अंत मे उन्होंने सभी संस्थान को इस तरह किसान के बीच में स्थापना दिवस मनाने पर जोर दिया। जिससे देश के किसान खुशहाल हो एवम उसे प्रगति के भागीदारी बने। डॉ आर एन चटर्जी एवं डॉ ए साहू द्वारा भी अपने सम्बोधन मे अपने संस्थान की तकनिकीयों पर प्रकाश डालते हुई भविष्य के हिसाब से वैज्ञानिक विधि आपने पर जोर दिया गया। इस स्थापना दिवस पर संस्थान के विभिन्न प्रकाशन अविपुंज हिंदी पत्रिका के साथ अन्य प्रकाशन का भी विमोचन हुआ। इस स्थापना दिवस कार्यक्रम का समन्वयक डॉ रणधीर सिंह भट्ट एवं इन्द्र भूषण कुमार द्वारा किया गया। इस स्थापना दिवस कार्यक्रम का संचालन डॉ विनोद कदम एवं धन्यवाद ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी इंद्र भूषण कुमार द्वारा किया गया। इस स्थापना दिवस कार्यक्रम में राजस्थान के डूंगरपुर, दौसा, उदयपुर, बीकानेर, टोंक, हिमाचल प्रदेश के किसान के साथ कुल 600 से ज्यादा लोगो ने भाग लेकर विभिन्न तकनिकीयों का भ्रमण किया गया। तथा इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिको द्वारा किसान के साथ पशुपालन विषय पर भी संवाद किया गया। और अथितियों द्वारा विभिन्न स्कीम मे विभिन्न जाति के किसानो को भी लाभान्वित भी किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम मे डॉ गणेश सोनावाणे, डॉ एस एस मिश्रा, डॉ ओम हरी चतुर्वेदी, डॉ ए सी शर्मा, डॉ राजीव कुमार, डॉ दुष्यंत, डॉ शोभना डॉ अजय कुमार, डॉ पीके मलिक, डॉ सत्यवीर सिंह, डॉ अरविन्द सोनी, मुख्य वित्त अधिकारी राज कुमार, डॉ लीला राम गुर्जर के साथ संस्थान के सभी सेवानिवृत एवं कार्यरत कर्मचारियों ने विभिन्न गतिविधियों में पूरा सहयोग किया। संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ अमरसिंह मीना ने कार्यक्रम की जानकारी दी।

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