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चरित्र निर्माण और मर्यादा ही सम्पूर्ण श्री राम कथा का सार है : पंडित राजेश शास्त्री

चरित्र निर्माण और मर्यादा ही सम्पूर्ण श्री राम कथा का सार है : पंडित राजेश शास्त्री

टोडारायसिंह (टोंक)। कस्बे में वाराही माता के सानिध्य में नारायणी माता मंदिर परिसर में चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा में द्वितीय दिवस पर कथा वाचक पं राजेश शास्त्री (निवाई वाले) ने शिव-शक्ति चरित्र, दक्ष यज्ञ में माता सती का देह त्याग तथा शिव-पार्वती विवाह सहित अनेकों प्रसंगों और वृतांतों को विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण और मर्यादा ही सम्पूर्ण श्री राम कथा का सार है। इससे पहले कथा वाचक ने रामकथा महात्म्य, राम नाम महिमा तथा राम कथा के रचनाकाल का परिचय विस्तार से सुनाया। उन्होंने शिव-पार्वती विवाह में भगवान शिव की बरात का प्रसंग सुनाया तो पाण्डाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। वहीं परिसर में चल रहे रामेश्वर दास महाराज और यज्ञाचार्य पं नवल शास्त्री के सानिध्य में नव दिवसीय नव कुण्डात्मक श्री नवचण्डी महायज्ञ एवं श्री राम कथा ज्ञान महायज्ञ में सोमवार को द्वितीय दिवस पर यज्ञशाला में यज्ञाचार्य पं नवल शास्त्री के सानिध्य में विप्रजनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न वेदियों पर मुख्य यजमान सहित अन्य यजमानों द्वारा यज्ञ में आहुतियां दी गई। तत्पश्चात गणपति सहित अन्य पूजन किए गए। वहीं पूजन नित्यार्चन हवन तत्पश्चात आरती की गई। वहीं महायज्ञ में अन्य आश्रमों से महंत, संत तथा साधु महात्मा पहुंचने लगे हैं। नौ दिवसीय महायज्ञ में दर्शन लाभ और पुण्यार्जन के लिए आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।

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