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खुलेआम हो रहा है बजरी का अवैध खनन व परिवहन, मूकदर्शक बना पुलिस-प्रशासन
मालपुरा (टोंक)। उपखंड की ग्राम पंचायत टोरडी सागर में स्थित सहोदरा नदी में से रात के अंधेरे में अवैध बजरी खनन व परिवहन का कार्य लम्बे समय से जोरों पर चल रहा है। जिसे रोकने में स्थानीय पुलिस प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। अवैध बजरी खनन व परिवहन का कार्य लगभग 3 महीनों से अधिक समय से चल रहा है। अवैध बजरी खनन व परिवहन पर आज तक खनिज विभाग की ओर से कोई कार्यवाही न होने से अवैध बजरी खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
नतीजा यह है कि सहोदरा नदी का अस्तित्व धीरे धीरे खत्म होने के कगार पर है। पर्यावरण की दृष्टि से भी नदी में जानवरों को चरने, उठने बैठने की जगह भी समाप्त हो चुकी है। सहोदरा नदी जगह जगह से खड्डों में तब्दील हो चुकी है। इतना ही नहीं अवैध बजरी खनन परिवहन के कारण गर्मी के मौसम में क्षेत्र में जल संकट के गहराने की संभावना भी बनी हुई है। अवैध बजरी खनन व परिवहन के चलते टोरडी सागर से जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला सड़क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
पुलिस, परिवहन व खनिज विभाग की ढीली लगाम के कारण ओवरलोड वाहन चालक भी बेपरवाह होते जा रहे हैं। मुख्य सड़क पर गुजरते बजरी से ओवरलोड वाहन इसके गवाह हैं। हालत ऐसी है कि छोटे वाहनों का तो इन वाहनों से साइड लेकर निकलना भी दुश्वार है। इससे दुर्घटनाएं होने की भी आशंका बनी रहती है। खास बात यह है कि पुलिस प्रशासन हरसंभव नकेल कसने का भले ही दावा करे, मगर सड़क पर सरपट दौडते बजरी से ओवरलोड वाहन इनकी पोल खोलने को काफी हैं। सबसे ज्यादा समस्या तो ट्रैक्टर ट्रोलियों से ढोयी जा रही बजरी से है, जो क्षमता से अधिक भार लेकर रात के अंधेरे में टोरडी सागर पुलिस चौकी के सामने से गुजरते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा हो गया है।
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