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शिक्षिका ने करवाया इंदिरा रसोई में 101 लोगों को निःशुल्क भोजन।
मालपुरा (टोंक) –
एक विद्वान ने कहा है कि निस्वार्थ भाव से एक दूसरे की मदद करना ही इंसानियत है। अगर वर्तमान युग की बात करे तो आज इंसान अपने स्वार्थ की सिद्धि करने के लिए दूसरों का अहित करने से भी नही चुकता है। लेकिन इस संसार में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों की भी कोई कमी नहीं है। मालपुरा शहर में कई लोग और कई संघठन ऐसे हैं जो निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं।
इसके कई उदाहण राज्य सरकार द्वारा मालपुरा कोर्ट परिसर में संचालित इंदिरा रसोई में देखे जा सकते है। कई लोग और संघठन जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन करवाकर मानव सेवा के लिए पुनीत कार्य कर रहे हैं। इंदिरा रसोई संचालक निर्मल कुमार नामा ने बताया कि आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केंद्रीय विद्यालय अविकानगर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत दीपिका तिवारी की ओर से 101 लोंगो को निःशुल्क भोजन करवाया गया।
भोजन में दाल सब्जी के अलावा मिठाई की व्यवस्था भी शिक्षिका दीपिका तिवारी की ओर से की गई। भोजन पाने वाले सभी लाभार्थियों ने शिक्षिका को धन्यवाद देकर आभार प्रकट किया। वही शिक्षिका दीपिका तिवारी ने बताया कि निःस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची सेवा है। एक दूसरों की मदद कर के आनन्द की अनुभूति होती है। साथ ही शिक्षिका दीपिका तिवारी ने आमजन से निःस्वार्थ सेवा कार्यो में बढ़चढ़कर भाग लेने की अपील भी की।
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