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अविकानगर में आईसीएआर डीडीजी डॉ. भट्टा का दौरा — किसानों से संवाद, नवाचार पर जोर

अविकानगर में आईसीएआर डीडीजी डॉ. भट्टा का दौरा — किसानों से संवाद, नवाचार पर जोर
अविकानगर (टोंक)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के उप-महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. राघवेन्द्र भट्टा एवं सहायक महानिदेशक (पशु स्वास्थ्य) डॉ. दिवाकर हेमाद्री ने गुरुवार को केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर का दौरा किया।
दोनों अतिथियों ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव व मार्गदर्शन दिया। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग समेकित मॉडल इकाई, वेटरनरी डिस्पेंसरी एवं आइसोलेशन वार्ड (सेक्टर-18) का अवलोकन किया, साथ ही एबीआईसी इन्क्यूबेटी के उत्पाद तथा एसीएसपी किसानों की सफलता की कहानी पुस्तक का विमोचन किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट दो व चार दांत मेढ़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन एवं मालपुरा परियोजना के किसानों को फीडिंग ट्रफ, पानी की टंकी तथा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र व एआई किट वितरण भी किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. भट्टा ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों की सराहना की तथा वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शोध कार्यों में नवाचार और क्षेत्रीय अनुकूलता लाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसान की आवश्यकताओं को समझकर कार्य करना ही वास्तविक प्रगति की दिशा है।
संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने अतिथियों को संस्थान की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण हाल व सभागार के पुनर्निर्माण हेतु परिषद् से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
डॉ. दिवाकर हेमाद्री ने अपने संबोधन में किसानों से वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियाँ अपनाने और छोटे पशुओं में स्वास्थ्य प्रबंधन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
मेढ़ा प्रतियोगिता में दो दांत श्रेणी में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः कालूराम गुर्जर (निमेड़ा), सियाराम मीना (निमेड़ा) और राजेश रैगर (समेलिया फागी) को प्राप्त हुए, जबकि चार दांत श्रेणी में हीरालाल बैरवा (भीपुर), कैलाश जाट (अरनिया काकड़ पीपलू) और रामदयाल सिंह (रामदेव की ढाणी, फागी) विजेता रहे। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं मिल्क कैन प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उत्कृष्ट मेढ़ा प्रतियोगिता में अतिथि के रूप में छोगालाल गुर्जर, जिला परिषद सदस्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने अविकानगर पधारे अतिथियों एवं संस्थान निदेशक का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रतियोगिता आयोजन के लिए आभार प्रकट किया।
संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि आईसीएआर के डीडीजी डॉ. भट्टा से संस्थान को सदैव मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा है। अतिथियों ने संस्थान के कर्मचारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर ऑर्गेनिक फार्मिंग विषय पर निर्मित इकाई का शुभारंभ भी किया गया, जिसे डॉ. भट्टा ने भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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