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त्योहारों का केंद्र गणगौरी मैदान अब बना कीचड़ व गंदगी का अड्डा ?
मालपुरा (टोंक)। नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर का ऐतिहासिक गणगौरी मैदान आज कीचड़ और गंदगी का मैदान बन गया है। तीज, गणगौर, जलझूलनी एकादशी और दशहरे जैसे बड़े उत्सवों का केंद्र रहा यह मैदान आज उपेक्षा का प्रतीक बनकर रह गया है। हाल ही में सावणी तीज पर पालिका ने खानापूर्ति करते हुए थोड़ी बहुत सफाई करवाई, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थिति यह रही कि मैदान के बीचोंबीच गंदे पानी का नाला बहने लगा।

जलझूलनी एकादशी से पहले प्रशासन ने अस्थायी रूप से मैदान के बीच से नाला बंद कर, झालरा स्कूल के पीछे से होकर झालरा तालाब की ओर पानी का निकास कर दिया। मगर इस निर्णय से समस्या और गंभीर हो गई-अब सारा गंदा पानी सीधे झालरा तालाब में जमा हो रहा है। गौरतलब है कि झालरा तालाब और ब्रह्म सरोवर वर्षों से मालपुरा के लिए जल संरक्षण और पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत रहे हैं। कभी जहां इन तालाबों का पानी प्यास बुझाने और नहाने-धोने के काम आता था, आज वही तालाब गंदे पानी से भरकर अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं।

जहां एक ओर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भजनलाल सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताती हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पालिका प्रशासन की उपेक्षा से शहर के ये ऐतिहासिक तालाब व मैदान बदहाली की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। पालिका प्रशासन की उपेक्षा और गन्दगी व कीचड़ को देखकर यह कहा जा सकता है कि त्योहारों का केंद्र गणगौरी मैदान अब कीचड़ व गंदगी का अड्डा बनता जा रहा है।
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