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सड़क बनी डम्पिंग यार्ड… पालिका प्रशासन बना बैठा धृतराष्ट्र…?
मालपुरा (टोंक)। शहर के अजमेर रोड पर नगरपालिका की ओर से शहर का सारा कचरा सड़क किनारे ही डालने से आमजन सहित राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जो आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सड़क के किनारे ही मृत जानवरों को खुले मे फेंकने से हर समय निकलने वाली दुर्गन्ध से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। कचरे के उचित स्थान पर डालने को लेकर स्थानीय दुकानदारों द्वारा नगरपालिका प्रशासन को कई बार अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से शहरवासियों मे गहरा रोष है।
पालिका की ओर से शहर के कचरे को इकट्ठा कर सड़क किनारे खुले मे फेंकने से हर समय संक्रमण के फैलने की आशंका बनी रहती हैं। खुले मे पड़े कचरे के कारण निराश्रित पशुओं का दिनभर जमावड़ा लगा रहता हैं। मृत जानवरों को कुत्ते खींचकर बीच सड़क पर ला देते हैं। जिससे वाहन चालकों को भारी समस्या उठानी पड़ती है। इसके साथ ही मृत मवेशियों से आने वाली दुर्गन्ध और कचरे से संक्रमण की बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती हैं। ऐसा नही है कि पालिका प्रशासन के पास कचरा संग्रहन केंद्र बना हुआ नही है। लाखों रु खर्च कर धानोता रोड़ पर कचरा संग्रहण केंद्र पालिका प्रशासन द्वारा बनाया गया है। फिर भी पालिकाकर्मियों के द्वारा डंपिंग यार्ड में कचरा नही डालकर खुले में मुख्य सड़क के किनारे कचरे के ढेर लगा दिए गए हैं। लेकिन पालिका प्रशासन सब कुछ देखकर भी धृतराष्ट्र बना बैठा है।